तेरी शीतल-शीतल मूरत
तरà¥à¤œ: तेरी पà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥€ पà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥€ सूरत को...
तेरी शीतल-शीतल मूरत लख
कहीं à¤à¥€ नजर ना जमें, पà¥à¤°à¤à¥‚ शीतल
सूरत को निहारें पल पल तब
छबि दूजी नजर ना जमें! पà¥à¤°à¤à¥‚ शीतल ॥
à¤à¤µ दà¥:ख दाह सही है घोर
करà¥à¤® बली पर चला न जोर
तà¥à¤® मà¥à¤– चनà¥à¤¦à¥à¤° निहार मिली अब
परम शानà¥à¤¤à¤¿ सà¥à¤– शीतल ढोर
निज पर का जà¥à¤žà¤¾à¤¨ जगे घट में à¤à¤µ बंधन à¤à¥€à¤¡à¤¼ थमें ॥ पà¥à¤°à¤à¥‚..
सकल जà¥à¤žà¥‡à¤¯ के जà¥à¤žà¤¾à¤¯à¤• हो, à¤à¤• तà¥à¤®à¥à¤¹à¥€ जग नायक हो
वीतराग सरà¥à¤µà¤œà¥à¤ž पà¥à¤°à¤à¥‚ तà¥à¤®, निज सà¥à¤µà¤°à¥‚प शिवदायक हो
`सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯' सफल हो नर जीवन, गति पंचम धाम धमे ॥ पà¥à¤°à¤à¥‚ ..