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चनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¨ जिन चनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¨à¤¾à¤¥ के, चरन चतà¥à¤°-चित धà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¤à¥ हैं
करà¥à¤®-चकà¥à¤°-चकचूर चिदातम, चिनमूरत पद पावतॠहैं ॥
हाहा-हूहू-नारद-तà¥à¤‚बर, जासॠअमल जस गावतॠहैं
पदà¥à¤®à¤¾ सची शिवा शà¥à¤¯à¤¾à¤®à¤¾à¤¦à¤¿à¤•, करधर बीन बजावतॠहैं ॥
बिन इचà¥à¤›à¤¾ उपदेश माहिं हित, अहित जगत दरसावतॠहैं
जा पदतट सà¥à¤° नर मà¥à¤¨à¤¿ घट चिर, विकट विमोह नशावतॠहैं॥
जाकी चनà¥à¤¦à¥à¤° बरन तनदà¥à¤¤à¤¿à¤¸à¥‹à¤‚, कोटिक सूर छिपावतॠहैं
आतमजोत उदोतमाहिं सब, जà¥à¤žà¥‡à¤¯ अनंत दिपावतॠहैं ॥
नितà¥à¤¯-उदय अकलंक अछीन सà¥, मà¥à¤¨à¤¿-उडà¥-चितà¥à¤¤ रमावतॠहैं
जाकी जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤šà¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¤¿à¤•ा लोका-लोक माहिं न समावतॠहैं ॥
सामà¥à¤¯à¤¸à¤¿à¤‚धà¥-वरà¥à¤¦à¥à¤§à¤¨ जगनंदन, को शिर हरिगन नावतॠहैं
संशय विà¤à¥à¤°à¤® मोह `दौल' के, हर जो जगà¤à¤°à¤®à¤¾à¤µà¤¤à¥ हैं ॥