घर घर आनंद छायो, जन्म महोत्सव मनायो- मनायो ।

घर घर आनंद छायोजन्म महोत्सव मनायोमनायो à¥¤

अंतिम जन्म हुआ प्रभुजी का,मोक्ष महाफ़ल पायोजी पायो|

 

स्वर्ग पुरी से सुरपति आयेएरावत हाथी ले आये,

जीवन सफ़ल हुआ सुरपति का,जन्ममरण को शीघ्र नशाये,

मंगल महोत्सव मनायो मनायोघर घर...॥

 

पुण्य उदय है आज हमारेनगरी में जिनराज पधा्रे,

जिनदर्शन की प्यास जगायेभक्ति सहित सुरराज पधारे,

आतम रस बरसायो बरसायोघर घर...॥

 

धन्य धन्य तुम देवी जाओसर्वप्रथम दर्शन सुख पाओ,

कष्ट न किंचित हो माता कोमायामयी सुत देकर आओ,

आतम दर्शन पाओ जी पाओघर घर...॥

 

हरि ने नेत्र हजार बनायेतो भी तृप्त नहीं हो पाये,

ज्ञान चक्षु से जिन दर्शन करएक अभेद स्वभाव लखाये,

जीवन सफ़ल बनायो बनायोघर घर...॥