करà¥à¤£à¤¾ सागर à¤à¤—वान
तरà¥à¤œ: होठों से छू लो...
करà¥à¤£à¤¾ सागर à¤à¤—वान, à¤à¤µ पार लगा देना ।
तूफ़ां है बहà¥à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¥€, मेरी नाव बचा देना ॥
मोही बनकर मैंने अब तक जीवन खोया ।
अपने ही हाथों से काटों का बीज बोया ॥
अब शरण तेरी आया, दà¥à¤– जाल हटा देना ।१। करà¥à¤£à¤¾ सागर..
मैंने चहà¥à¤‚गतियों में बहॠकषà¥à¤Ÿ उठाया है ।
लख चौरासी फ़िरते सà¥à¤– चैन न पाया है ॥
दà¥à¤–िया हूं à¤à¤Ÿà¤• रहा पà¥à¤°à¤à¥ लाज बचा देना ।२। करà¥à¤£à¤¾ सागर..
à¤à¤—वन तेरी à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ से संकट टल जाते हैं ।
अजà¥à¤žà¤¾à¤¨ तिमिर मिटता सà¥à¤– अमृत पाते हैं।
चरणों में खडा पà¥à¤°à¤à¥à¤œà¥€ मà¥à¤à¥‡ राह बता देना ।३। करà¥à¤£à¤¾ सागर..