मनहर तेरी मूरतिया
मनहर तेरी मूरतियां, मसà¥à¤¤ हà¥à¤† मन मेरा।
तेरा दरà¥à¤¶ पाया, पाया, तेरा दरà¥à¤¶ पाया॥
पà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¾ सिंहासन अति à¤à¤¾ रहा, à¤à¤¾ रहा।
उस पर रूप अनूप तिहारा, छा रहा, छा रहा।
पदà¥à¤®à¤¾à¤¸à¤¨ अति सोहे रे, नयना उमगे हैं मेरे।
चितà¥à¤¤ ललचाया, पाया। तेरा दरà¥à¤¶ पाया..
तव à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ से à¤à¤µ के दà¥à¤– मिट जाते हैं, जाते हैं।
पापी तक à¤à¥€ à¤à¤µ सागर तिर जाते हैं, तिर जाते हैं।
शिव पद वह ही पाये रे, शरणा आगत में तेरी।
जो जीव आया, पाया। तेरा दरà¥à¤¶ पाया..
सांच कहूं कोइ निधि मà¥à¤à¤•ो मिल गयी,मिल गयी।
जिसको पाकर मन की कलियां खिल गयी,खिल गयी।
आशा पूरी होगी रे, आश लगा के वृदà¥à¤§à¤¿,
तेरे दà¥à¤µà¤¾à¤° आया, पाया। तेरा दरà¥à¤¶ पाया..