आये तेरे दà¥à¤µà¤¾à¤° सà¥à¤¨ ले
आये तेरे दà¥à¤µà¤¾à¤° सà¥à¤¨ ले à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ की पà¥à¤•ार
तà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤²à¤¾ लाल रे॥टेक॥
कà¥à¤£à¥à¤¡à¤²à¤ªà¥à¤° में जनम लियो तब, बजने लगी थी शहनाई,
दीपावली को मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ पाई तब मन में सबके तहनाई,
तà¥à¤® पा गये मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ धाम
हम à¤à¥€ पायें निज का धाम...तà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤²à¤¾ लाल रे॥१॥
सà¥à¤¨à¥à¤¦à¤° सà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤¦à¤•ी सरगम, जब तà¥à¤®à¤¨à¥‡ थी बरसाई,
à¤à¤µà¥à¤¯à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ को आनंदकारी, अमृत धारा बरसाई,
à¤à¤µà¤¿à¤œà¤¨ तà¥à¤®à¤•ो निजसम जान
कर गये आतम का कलà¥à¤¯à¤¾à¤£...तà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤²à¤¾ लाल रे॥२॥
नीर कà¥à¤·à¥€à¤° सम तन चेतन को, à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ सदा ही बताया है,
जिन चेतन के दरà¥à¤¶à¤¨ पा, निज चेतन दरà¥à¤¶à¤¨ पाया है,
मैं पाऊं निज का धाम
वही सचà¥à¤šà¤¾ जिन का धाम...तà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤²à¤¾ लाल रे॥३॥