तà¥à¤® जैसा मैं à¤à¥€ बन जाऊं
तरà¥à¤œ : चांद सी महà¥à¤¬à¥‚बा...
तà¥à¤® जैसा मैं à¤à¥€ बन जाऊं, à¤à¤¸à¤¾ मैंने सोचा है,
तà¥à¤® जैसी समता पा जाऊं, à¤à¤¸à¤¾ मैंने सोचा है ।
à¤à¤µ वन में à¤à¤Ÿà¤• रहा à¤à¤—वन, à¤à¤¸à¥€ चिनà¥à¤®à¥‚रत न पाई है।
तेरे दरà¥à¤¶à¤¨ से निज दरà¥à¤¶à¤¨ की,सà¥à¤§à¤¿ अपने आपही आई है।
शांति पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¤à¤¾ मंगलदाता, मà¥à¤¶à¥à¤•िल से मैंने खोजा है,
तà¥à¤® जैसी समता पा जाऊं.... ।१।
कितनी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में,मà¥à¤à¤•ो वैरागà¥à¤¯ न आता है
संसार असार नहीं लगता, मन राग रंग में जाता है।
विषय वासना की जड गहरी, काटो नाथ à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ है,
तà¥à¤® जैसी समता पा जाऊं....।२।
हे जिनधरà¥à¤® के पà¥à¤°à¥‡à¤®à¥€ सà¥à¤¨ लो, कह गये कà¥à¤‚द कà¥à¤‚द सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ ।
à¤à¤µ सागर से तिरने में फ़िर, कलà¥à¤¯à¤¾à¤£à¥€ माठशà¥à¤°à¥€ जिनवाणी |
रूप तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ सबसे नà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¾, करना सिरà¥à¥ž à¤à¤°à¥Šà¤¸à¤¾ है,
तà¥à¤® जैसी समता पा जाऊं....।३।