तुम जैसा मैं भी बन जाऊं

तुम जैसा मैं भी बन जाऊं

तर्ज : à¤šà¤¾à¤‚द सी मह्बूबा...

तुम जैसा मैं भी बन जाऊं, à¤à¤¸à¤¾ मैंने सोचा है,

तुम जैसी समता पा जाऊं, à¤à¤¸à¤¾ मैंने सोचा है ।

 

भव वन में भटक रहा भगवन, à¤à¤¸à¥€ चिन्मूरत न पाई है।

तेरे दर्शन से निज दर्शन की,सुधि अपने आपही आई है।

शांति प्रदाता मंगलदाता, à¤®à¥à¤¶à¥à¤•िल से मैंने खोजा है,

तुम जैसी समता पा जाऊं.... à¥¤à¥§à¥¤

 

कितनी प्रतिकूल परिस्थिति में,मुझको वैराग्य न आता है

संसार असार नहीं लगता, à¤®à¤¨ राग रंग में जाता है।

विषय वासना की जड गहरी, à¤•ाटो नाथ भरोसा है,

तुम जैसी समता पा जाऊं....।२।

 

हे जिनधर्म के प्रेमी सुन लो, à¤•ह गये कुंद कुंद स्वामी ।

भव सागर से तिरने में फ़िर, à¤•ल्याणी माँ श्री जिनवाणी |

रूप तुम्हारा सबसे न्यारा, à¤•रना सिर्फ़ भरॊसा है,

तुम जैसी समता पा जाऊं....।३।