वीतरागी देव तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ जैसा
तरà¥à¤œ: कसà¥à¤®à¥‡ वादे पà¥à¤¯à¤¾à¤°...
वीतरागी देव तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ जैसा जग में देव कहां ।
मारà¥à¤— बताया है जो जग को ,कह न सके कोई और यहां। वीतरागी देव...
हैं सब दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° जगत में,कोई न किसी का कारà¥à¤¯ करे
अपने अपने सà¥à¤µà¤šà¤¤à¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¯ में ,सà¤à¥€ दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯ विशà¥à¤°à¤¾à¤® करे ।
अपनी अपनी सहज गà¥à¥žà¤¾ में, रहते पर से मौन यहां॥
à¤à¤¾à¤µ शà¥à¤à¤¾à¤¶à¥à¤ का à¤à¥€ करà¥à¤¤à¤¾ , बनता जो दीवाना है ।
जà¥à¤žà¤¾à¤¯à¤• à¤à¤¾à¤µ शà¥à¤à¤¾à¤¶à¥à¤ से à¤à¥€, à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ न उसने जाना है ।
अपने से अनजान तà¥à¤à¥‡, à¤à¤—वान कहें जिनदेव यहां॥
पà¥à¤£à¥à¤¯ à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ पर आशà¥à¤°à¤¿à¤¤ है, उसमें धरà¥à¤® नही होता ।
जà¥à¤žà¤¾à¤¨ à¤à¤¾à¤µ में निज परिणति से बंधन करà¥à¤® नहीं होता ।
निज आशà¥à¤°à¤¯ से ही मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ है, कहते हैं जिनदेव यहां ॥