मन à¤à¤¾à¤¯à¥‡ चित हà¥à¤²à¤¸à¤¾à¤¯à¥‡
तरà¥à¤œ : मन डोले...
मन à¤à¤¾à¤¯à¥‡ चित हà¥à¤²à¤¸à¤¾à¤¯à¥‡ मेरे छाया हरà¥à¤· अपार रे -
लख वीर तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ मूरतियां ॥
देख लिया मैंने जग सारा तà¥à¤®à¤¸à¤¾ नजर ना आये,
वीतराग मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ तà¥à¤® धारे बैठे धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ लगाय-
पà¥à¤°à¤à¥‚ तà¥à¤® बैठे धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ लगाय,
सà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ आवे, मंगल गावे, नाचे दे दे ताल रे,
लख वीर तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ मूरतियां ॥
अषà¥à¤Ÿ करà¥à¤® को जीत पà¥à¤°à¤à¥‚ तà¥à¤® पाया केवलजà¥à¤žà¤¾à¤¨,
दे उपदेश बहà¥à¤¤ जन तारे कहां तक करूं बखान-
पà¥à¤°à¤à¥‚ मैं कहां तक करूं बखान,
à¤à¤¯ जाये,मेरे रोग ना आये,मेरे सà¥à¤§à¤°à¥‡ काम हजार रे,
लख वीर तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ मूरतियां ॥
राग दà¥à¤µà¥‡à¤· में लिपà¥à¤¤ हà¥à¤† मैं सत को नहीं पिछाना,
पर वसà¥à¤¤à¥ को अपना समà¤à¤¾, à¤à¥‚ंठे मत को माना-
पà¥à¤°à¤à¥‚ जी उलटे मत को माना,
अब तà¥à¤® पाये, à¤à¤°à¤® नशाये, ’पंकज’ होगा पार रे,
लख वीर तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ मूरतियां ॥