मैं तेरे ढिंग आया रे
तरà¥à¤œ: मैं उनकी बन जाऊं रे.
मैं तेरे ढिंग आया रे, पदà¥à¤® तेरे ढिंग आया,
मà¥à¤– मà¥à¤– से जब सà¥à¤¨à¥€ पà¥à¤°à¤¶à¤‚सा, चित मेरा ललचाया,
चित मेरा ललचाया रे, पदà¥à¤® तेरे ढिंग आया ॥
चला मैं घर से तेरे दरश को,
वरणूं कà¥à¤¯à¤¾ वरणूं कà¥à¤¯à¤¾,वरणूं कà¥à¤¯à¤¾ मैं मेरे हरष को,
मैं कà¥à¤·à¤£ कà¥à¤·à¤£ में नाम तिहारा, रटता रटà¥à¤¤à¤¾ आया
रटता रटà¥à¤¤à¤¾ आया रे ...पदà¥à¤® तेरे ढिंग आया ॥
पथ में मैंने पूछा जिसको,
पाया तेरा, पाया तेरा, पाया तेरा दरà¥à¤¶à¤• उसको,
यह सà¥à¤¨ सà¥à¤¨ मन हà¥à¤† विà¤à¥‹à¤°à¤¿à¤¤, मग नहीं मà¥à¤à¥‡ अघाया
मग नही मà¥à¤à¥‡ अघाया रे ... पदà¥à¤® तेरे ढिंग आया ॥
सनà¥à¤®à¥à¤– तेरे à¤à¥€à¤¡ लगी है,
à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ की, à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ की, à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ की इक उमंग जगी है,
सब जय जय का नाद उचारे, शà¥à¤ अवसर यह पाया,
शà¥à¤ अवसर यह पाया रे ...पदà¥à¤® तेरे ढिंग आया ॥
सफ़ल कामना कर पà¥à¤°à¤à¥‚ मेरी,
पाऊं मैं, पाऊं मैं, पाऊं मैं चरण रज तेरी,
होगी पà¥à¤£à¥à¤¯ वृदà¥à¤§à¤¿ आशा है, दरश तिहारा पाया,
दरश तिहारा पाया रे...पदà¥à¤® तेरे ढिंग आया ॥